चिकित्सा शिक्षा पर अद्यतन जानकारी
केंद्र सरकार ने केंद्र प्रायोजित योजनाओं (वित्त वर्ष 2025-26 से 2028-29) के अंतर्गत सरकारी कॉलेजों में 10,023 मेडिकल सीटों को जोड़ने की स्वी कृति दी
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के अनुसार शैक्षणिक वर्ष 2020-21 और 2025-26 के बीच एमबीबीएस और स्नातकोत्तर सीटों में क्रमशः 48,563 और 29,080 की वृद्धि से चिकित्सा शिक्षा को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा
प्रविष्टि तिथि: 16 DEC 2025 3:03PM by PIB Delhi
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, शैक्षणिक वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक देश में एमबीबीएस की 48,563 सीटें और स्नातकोत्तर की 29,080 सीटें बढ़ी हैं।
सरकार ने केंद्र प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत सरकारी कॉलेजों में वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2028-29 तक 10,023 मेडिकल सीटों को जोड़ने को भी स्वीकृति दे दी है।
इसके अलावा, घरेलू मेडिकल सीटों में वृद्धि ने अधिक इच्छुक छात्रों को देश के भीतर ही चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम बनाया है।
शैक्षणिक वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक स्नातकोत्तर सीटों की संख्या
| क्र.सं. | शैक्षणिक वर्ष | स्नातकोत्तर सीटों में वृद्धि |
| 1 | 2020-21 | 4983 |
| 2 | 2021-22 | 4705 |
| 3 | 2022-23 | 2874 |
| 4 | 2023-24 | 4713 |
| 5 | 2024-25 | 4186 |
| 6 | 2025-26 | 7619 |
चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सर्वोच्च नियामक निकाय के रूप में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने विभिन्न विनियम अधिसूचित किए हैं, जिनमें न्यूनतम मानक आवश्यकता (एमएसआर), स्नातक चिकित्सा शिक्षा विनियम (जीएमई), 2023, चिकित्सा शिक्षा मानकों का रखरखाव विनियम, 2023 (एमएसएमईआर-2023) और योग्यता-आधारित चिकित्सा शिक्षा (सीबीएमई) पाठ्यक्रम दिशानिर्देश 2024 शामिल हैं। इनका उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करना है। ये विनियम देश भर में चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण की अखंडता और गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए बनाए गए हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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पीके/केसी/एसएस/जीआरएस
(रिलीज़ आईडी: 2205096)





स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय












